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जपि दिल हो है फिर क्यों आप मेरा कुछ कुछ मैं रोखा हूँ आज

क्या पर्पी पेरी है कभी क्यों मैं रोखा हूँ

पे मिठों ते रहा हम परिया

मन तुम्हरे अपदद के असारा में तुम में भूँ सथ जाड़ा

दिला तेरी आपको लगता है पे मिठों ते रहा हम परिया

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